कैसे हो !
इस छोटे से वाक्य को अगर मुस्कुरा के कहा जाए तो
शुरूआती बात तो वैसे ही बन जाए | एक पूरे दिन में इन्सान न जाने कितने लोगों से
मिलता है | उसमें से अधिकतर जो मिलते हैं वो न जाने किस दुनिया में खोए रहते हैं |
किसी को अपने परिवार की समस्या, किसी को अपनी नौकरी या व्यवसाय की समस्या, किसी को
अपना बुढ़ापा सामने देख कर घबराहट होती है, किसी को रोग की समस्या और उसके बीच चलती
हुई जिंन्दगी | ऐसे में कोई मुस्कुरा के पूछने वाला मिल जाए कि – कैसे हो ? तो
अचानक जुबान पे जवाब आता है कि – ठीक हूँ
| यहाँ मुस्कुरा के पूछने वाली बात बहुत महत्वपूर्ण है | जिन्दगी एक जिन्दगी से
पूछती है वो भी उल्लासित हो कर, तो चाहे कितना ही अवसाद में डूबा हुआ हो वो
व्यक्ति उसे उम्मीद की किरण नजर आती है और वो कह बैठता है – ठीक हूँ | यहाँ से बात
धनात्मक दिशा में शुरू होती है |
उम्मीद का साथ हमें कभी नहीं छोड़ना चाहिए और
निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए | एक न एक दिन हम जो चाहते हैं वो हमे मिल के रहता
है | कितने ही तूफ़ान आ जाएं, कितनी ही आंधियाँ चलें वो इन्सान अपने पथ से कभी नहीं
डिगता जो उम्मीद को साथ रखे है | ये आंधियां, ये तूफ़ान परीक्षाएं है इन्सान के
समक्ष और कुछ नहीं हैं | ये हमारे भीतर रह रहे सत्य को प्रबल करने का साहस देती
हैं | हम आंतरिक धरातल पर ऊपर उठते हैं |
तूफ़ान और आँधियों को पार पाने के लिए हमें उम्मीद का साथ कभी नहीं
छोड़ना चाहिए | आँख से आंसू चाहे हजार गिरें मगर एक दिन आता है जब विजय उद्
धोष हमारा ही होता है और हम उस समय भी हम अहंकार
को करीब नहीं लाते | जो इन्सान इस तरह का जीवन जीता है वो महा - सम्राट है | उसे
जीवन का अंतरतम मालूम है और उसे यह भी मालूम है कि क्या कर के हम कहाँ पहुचेंगें |
तो मुस्कुरा
के अगर किसी से पूछा कि – कैसे हो ? यह अपने आप में एक परिवर्तन लाता है और सुखद
परिवर्तन लाता है | यह परिवर्तन बहुत बड़ा भी हो सकता है, ये बहुत छोटा हो सकता है
लेकिन धनात्मक होता है | धनात्मक परिवर्तन अपने और दूसरों के जीवन में आना प्रगति
का सूचक है | कैसे हो – ये मुस्कुरा के पूछना और मुस्कुरा के पूछने के साथ साथ
आँखों में सामने वाले मनुष्य के लिए असीम गहराई का भाव भी अगर हो तो कहना ही क्या
| पूरा का पूरा सामने वाला मनुष्य , कहने वाले के साथ एकाकार हो जाता है | इस तरह
से अगर हम हर एक से अगर मुस्कुरा के पूछते चले जाएं कि – कैसे हो, तो हम शुरूआती
सफलता प्राप्त कर सकते है – ये निश्चित है |
के.बी.व्यास