समझ पुराण से उदृत सात महान सूत्र
- जो समझने को तैय्यार हो उसे समझा दो
- जो समझने को तैय्यार तो हो लेकिन समझाने पर भी नहीं
समझ पा रहा हो उसके लिए प्रार्थना करो, और फिर समझाओ
- जो समझने को तैय्यार न हो उसे एक जोक सुना के विदा करो
- जो समझ के भी नासमझ बना रहे उसे मुस्कुरा के साइड में
करो, क्यों कि उसे वास्तव में तो समझ में आ ही गया है
- जिसे समझाने पर उल्टे आप पर ही क्रोध की उल्टियां हो रही
हों, उसे तारीफ़ का ईनो पिला दो
- जो अपने आप को समझदार का पूंछडा समझता हो उसके लिए कुछ
मत करो एक दिन वो खुद ही अपनी डेढ़ समझदारी में फंस के रह जाएगा
- और जिसे आपका स्व - विवेक समझदार कहे, उसकी संगत में बैठे रहो .....................के.बी.व्यास
No comments:
Post a Comment