Monday, 27 May 2013


टेढा भाई साहब  रो इन्टरव्यू

आज इ ज ठा पडी सा कि टेढा भाई साहब  , आडी गळी में, ऊंदी हवेली में बिराजिया करे, जरे मैं हीदो उठे इ ज गयो. वे बारे इज बिराजियोडा हा, मने ठा ही कि टेढा भाई साहब   कदई भी बात रो हीदो जवाब नहीं दिया करे. जरे माहौल ने नरम राखण वास्ते मैं दोई हाथ जोड ने झुक ने इ ज स्टार्ट लियो.....पगेलागूं टेढा भाई साहब  . वे टंकार अंदाज़ में बोलिया
.............क्यूं ...म्हारी टौंग पकड ने गुडावणॊ है कई ......हीदो पोइंट माते आ, कई चईजे?


 मैं थोडो हंभळ ने कैयो :  आपरे मुखारविंद सूं हमेशा टेढा जवाबों रा फ़ूळ इ ज झरिया करे जरे मैं होचियो आज ....
टेढा  भाई साहब  बात बीच में काटता व्हा बोलिया : तू म्हारी तारीफ़ कर रियो है कि चासा ले रियो है, ने मैं फ़ूल झराऊं के पूरो दरखत झराऊं थने पूछियो कई,
मैं कैयो : नहीं सा वा बात कोनी, पण आप ही हो जिका बता सको कि टेढो जवाब देवण रे आनंद रो माहात्म्य कई है.

वे बोलिया : क्यूं ....थने मैं कोई आस्था चैनल रो बाबा जी लागूं कई जिको कोई माहात्म्य हमजाऊंला.
                                          

मैं कैयो ; नहीं सा ...मतलब एक आप इ ज हो जिका इण अदभुद कला माते प्रकाश घाल सको,
टेढा भाई साहब   ; अरे घाल लिया निरा ई परकास वरकास, ओपोने ने या तो फ़्यूज उडावणी आवे, या होमले वाळे ने करंट देवणी आवे,

मैं कैयो ; तबियत बिजी किकर है ठीक है सा ?
टेढा भाई साहब   कैयो ; दीखे कोनी कई...ने थने जास मिळतो व्हे तो करा दे मने उल्टियों, दुखा दे माथॊ, अणा दे मने बुखार
मैं कैयो ; वाह क्या हीदो जवाब दियो हो आप...म्हारो इ ज दिमाग टेढो है सा जिको आपरा जवाब टेढा लाग रिया है
वे बोलिया ; देख भई ऎडो है.....पूरो जगत टेढेपणे ऊं इ ज चल रियो है,पेट में गैस भरीज जा जरे उने काडण वास्ते थोडो टेढो हूवणो पडे,भाकरी माते चढणो व्हे तो रस्तो टेढो घुमावदार इ ज बणे जरे शिखर माते पूगों, हीदी औंगळी ऊं घी नहीं निकळे जरे कई किया करों, औंगळी टेढी करों, मोटरसाइकल में दो तरह रा स्टेंड व्हे, टेढे वाळे स्टेंड माते ऊबी गाडी पोज़ वाली लागिया करे...स्टाइल वाळी, स्वास्थ ठीक राखणों व्हे तो शरीर ने टेढे बौंके तरीके सूं मोड मोड ने योगासन लगावणा पडे
, ने और तो और आ प्रथ्वी खुद ही आपरे अक्ष माते साढा बयासी डिग्री माते टेढी घूम रही है,थरी हथई म्हाते तो निरा ज्ञानी बैठा है, पूछ लीजे व्योंने. ने म्हारे द्वारा रचित टेढा पुराण रो पहलॊ सूत्र है....जगत टेढा ब्रह्म सीधम..अर्थात केवल ब्रह्म ही सीधा है, और ये जगत टेढा.
मैं कैयो ; वाह टेढा भाई साहब  आप रा उदाहरण तो गज्जब रा है
वे कैयो ; तो तू कैवे तो दो कौडी वाळा उदाहरण दे दूं ?                           
                               

मै मूड चेंज करण वास्ते बोलियो ; भाई साहब  , टी शर्ट जोरदार पैरी सा
टेढा भाई साहब  फ़ट बोलिया ; तो ले फ़ाड काड इने ...ने बणा चींतरो ने कर ले थारी गाडी साफ़
मैं कैयो ; नहीं सा मैं तो तारीफ़ करी हूं
वै कैयो ; तो भई गाळ भी काड ले, घणो आफ़रो आ रियो है तो
मने हमज नहीं आयो कि किकर रिएक्ट करूं,
जरे फ़ेर बात पलटी ने कैयो ; आज गर्मी घणी  सा
टेढा भाई साहब झट बोलिया ; तो बरफ़ री हिल्ला मंगा दूं, पौड जाइजो उण माते
मैं थोडी मसखरी की और कैयो ; ....ने हौमे एक पंखो भी चला ने धर दीजो 
                                         
वे बोलिया ; क्यूं .....खैतान वाळो आपरी बेटी पनाई है कई मने जिका मूफ़त रा दो चार पंखा पडिया है म्हारे कने, ने व्योंने थारे हौमे चला ने रख दूं.
मैं कैयो ; भाई साहब  आप तो अमानत हो जोधपुर री
वे कैयो ; तो ले जा ने धर दे मने मंडोर रे संग्राहलय में
मैं कैयो ; आप तो वाकई टेढा भाई साहब  हो
वे कैयो ; अरे यार मैं नहीं आ दुनिया टेढी है, अबे देख एक सडक है हीदी, उने दोई तरफ़ बणियोडो हीदो लैण सर बजार ....ने लोग नौम धर दियो आडा बाजार, इनो नौम हूवणो चईजतो.....हीदो बजार, अबे बता मैं टेढो के दुनिया टेढी.
मैं कैयो ; १००% दुनिया टेढी है सा.
टेढा  भाई साहब  बोलिया ; क्यूं......तू म्हारो वकील लागोडो है कई जिको फ़ट म्हारी तरफ़दारी कर रियो है,
अठे तक आ ने मने लाग ग्यो, कि अबे खिसक लो..तो मैं कैयो ; ठीक सा चालूं जरे अबे मैं
वे बोलिया ; तो थने कोई फ़ेवीकौल सूं चेपियोडो है कई म्हारी चौंतरी माते


मैं कैयो ; टेढा भाई साहब री जय हो, इत्तो कै ने मैं मुडियो और हीदो महादेव रे मिंदर जा ने एक अगरबती लगा ने हाथ जोडिया, ने कैयो ...है महादेव कैडा कैडा पीस बणाया है तू....गर्दन उठाई तो देखियो कि अगरबत्ती रो घुंओ टेढो मेढो आकार ले ने ऊठतो हो ने सब तरफ़ सुगंध फ़ैलावतो.

के.बी.व्यास

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