गज़ल के हर एक लफ़्ज़ को कसम है ये कह देना
लोगों के दिलो रूह तक करना असर, ये कह देना
नेकी बदी की जंग तो हर दौर का हिस्सा रही है
ब्रह्मास्त्र है तू आज भी,बात ये कलम से कह देना
खुदा के वास्ते, सोच की गहराइयों को सम्हाले रखना,
डूबते हुओं को मिलेगा हौसला, ये शायरों से कह देनालोगों के दिलो रूह तक करना असर, ये कह देना
नेकी बदी की जंग तो हर दौर का हिस्सा रही है
ब्रह्मास्त्र है तू आज भी,बात ये कलम से कह देना
खुदा के वास्ते, सोच की गहराइयों को सम्हाले रखना,
बुलंदियां यूं तो अच्छी हैं,दिल को खुशियां देती हैं
मगर जो ये सर चढने लगें, इन्हें इन्कार कह देना
मतलब परस्त लोगों की बडी ये खास आदत है
पास आ के तुम्हारी हां में हां, ना में ना कह देना
के.बी.व्यास
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