लिकता चंद जी रो इन्टरव्यू
काले दोपहर रो भोजन कर ने होचियो अबे थोडी देर पौड लियो जावे,
जरे तकिए माते मथॊ टिकायों ने २-४ मिनट इ ज हुया व्हेला ने आडे री घण्टी बाज गी...
अरे यार इण टैम कुण आयो, आ होचतो होचतो मैं आडो खोलियो तो हौमे ऊबा हा.........लिकता चंद जी .

लिकता चंद जी हाथ जोड ने बोलिया ..कई भा सा किकर ?
मैं कैयो .....लिकता चंद जी आप और अबार ने म्हारे घरे ????
वे बोलिया मने ठा ही.... मैं थने ५० फ़ोन कर लिया हूं....मने ठा है न तो तू फ़ोन उठावेला, न पाछी कौल करेला, न म्हारो इन्टरव्यू लेवेला, जरे मैं होचियो हीदो घरे इ ज चालॊ, दोपारा खाणो खा ने तू थोडी देर हूया करे जरे मने ठा ही तू घरे मिलेला ही मिलेला.
मैं कैयो...आप वाकई लिकता चंद जी हो सा....वे चीकणा घडा व्है ज्यूं हंसता हुआ मौने आय ग्या...
ने सोफ़े माते बैठ ने बोलिया ...मने ठा है थारे इन्टरव्यू रो पैलो प्रश्न कई व्हैला.....वो व्हैला....लिकताई रो माहात्म्य कई है ?
मैं कैयो ..लिकता चंद जी मैं तो की पूछियो ही कोई आपने और न पूछूं. लोग आपने चाहे कित्तो ही इशारो दे दे, आडॆ टेडे तरीके सू हमजा दे, डायरेक्ट मूंडे माते की कै देवे तौ भी आप आपरी लिकतायों नहीं छोडोला.
लिकता चंद जी मुळक ने बोलिया...देख ऎडो है लिकताई कलयुग रो एक गुण है, लिकता पुराण में कैयोडो है..."हमजो तो अपमान नहीं हमजो तो कॊई अपमान नहीं"....ने हमें तू पूछेला म्हारा गुरू कुण है?
मैं कैयो ...मैं तो की पूछियो ही कोनी आपने और न की पूछूं.
पण लिकता चंद जी तौ लिकता चंद जी है....तौ वे एक आदमी री ब्लैक एंड व्हाइट फ़ोटू काडी जिणमे वो आदमी आपरी नाक ने हथाली सूं छुपायोडो बैठो हो, लिकता चंद जी बोलिया ऎ म्हारा नकटा गुरू जी है, योंरो कैवणो है कि आज रे ज़मौने में सुपरगिरी रो लाडू जिने खावणों है तो उनो एक महत्वपूर्ण अंश है.....लिकताई. और मने सुपरगिरी रो शौक है. मैं ही ज हूं हारों सूं सुपर, म्हारे सूं भत्तो कोई नहीं, ने अगर म्हारे सूं भत्तो कोई है तो मैं उण सूं डबल भत्तो, कोई कने नहीं बैठाई तो मैं उने कने ऊबो रैऊं, वो कने ऊबो नहीं राखी तो थोडो आगो जा ने ऊब जाऊं, और आगो जा ने ऊबूं जरे कैऊं ..हौमले वाळो म्हारे लेवल रो कोनी सा, इण वास्ते मैं खुद नैडो नहीं जा रियो हूं.......ने मौको मिलतो ही पाछो नैडो आ जाऊं......पाछो नेडो आ ने भेर लिकतायों करूं.
मैं कैयो आप तो ढीठ चंद जी व्हे ज्यूं बात कर रिया हो...वे मुळक ने कैयो, ढीठियो म्हारो रिश्ते में इ ज है सा, मौरे हूतक पिण्डरू लागे.....हमें तू पूछेला म्हारा और कुण कुण रिश्तेदार है, तौ हुण...ढीटियो म्हारो भाई है,
नागाई कुचमादी ने ओछाई म्हारी बैहनों है,


फ़च्चर म्हौरी जात है ने रौळो म्हौरो गोत्र .

मैं कैयो ...मैं तो की पूछियो ही कोनी आपने और न की पूछूं....यूं तो इंसानियत रे नाते आप सूं भी अपणायत है म्हारी पण जदे तक आप थोडी गरिमा नहीं बणा ने राखो, मैं की नहीं पूछूं, आपरी लिकताई सुं आपरी इज इज्जत पें बोल री है, ने आ सुपरगिरी, आ भत्तागिरी जिने जिने लागी है उने उने ले डूबी है......लिकता चंद जी मुळकता ही रैया --- वे की जवाब देवता इत्ते में म्हारे मोबाइल री घण्टी बाजी, मैं कौल उठावण रो बटण दो चार बार दबायो तो भी कोरी घण्टी इ ज हुणीजे...हारा बटण दबा ने देख लिया घण्टी बन्द इ ज नहीं हूवती.......मै होचियो ओ मोबाइल खराब हु ग्यो दीखे....कि अचानक भरी नींद सूं म्हारी औंख खुल गी, तकिये कने पडियो म्हारो मोबाइल बाजतो हो ......ने कौल करणिया हा ..........लिकता चंद जी.

मैं एक बार फ़ेर कौल कोनी उठाई और व्योंरी कौल ने मैं कई .....कोई कोनी उठावे, हारा बाट जो रिया है उण दिन री जिण दिन लिकता चंद जी ने थोडी सी क खुद री गरिमा बणायोडी राखण री अक्कल आ जाई.
:- के.बी.व्यास

काले दोपहर रो भोजन कर ने होचियो अबे थोडी देर पौड लियो जावे,
जरे तकिए माते मथॊ टिकायों ने २-४ मिनट इ ज हुया व्हेला ने आडे री घण्टी बाज गी...
अरे यार इण टैम कुण आयो, आ होचतो होचतो मैं आडो खोलियो तो हौमे ऊबा हा.........लिकता चंद जी .

लिकता चंद जी हाथ जोड ने बोलिया ..कई भा सा किकर ?
मैं कैयो .....लिकता चंद जी आप और अबार ने म्हारे घरे ????
वे बोलिया मने ठा ही.... मैं थने ५० फ़ोन कर लिया हूं....मने ठा है न तो तू फ़ोन उठावेला, न पाछी कौल करेला, न म्हारो इन्टरव्यू लेवेला, जरे मैं होचियो हीदो घरे इ ज चालॊ, दोपारा खाणो खा ने तू थोडी देर हूया करे जरे मने ठा ही तू घरे मिलेला ही मिलेला.
मैं कैयो...आप वाकई लिकता चंद जी हो सा....वे चीकणा घडा व्है ज्यूं हंसता हुआ मौने आय ग्या...

ने सोफ़े माते बैठ ने बोलिया ...मने ठा है थारे इन्टरव्यू रो पैलो प्रश्न कई व्हैला.....वो व्हैला....लिकताई रो माहात्म्य कई है ?
मैं कैयो ..लिकता चंद जी मैं तो की पूछियो ही कोई आपने और न पूछूं. लोग आपने चाहे कित्तो ही इशारो दे दे, आडॆ टेडे तरीके सू हमजा दे, डायरेक्ट मूंडे माते की कै देवे तौ भी आप आपरी लिकतायों नहीं छोडोला.
लिकता चंद जी मुळक ने बोलिया...देख ऎडो है लिकताई कलयुग रो एक गुण है, लिकता पुराण में कैयोडो है..."हमजो तो अपमान नहीं हमजो तो कॊई अपमान नहीं"....ने हमें तू पूछेला म्हारा गुरू कुण है?
मैं कैयो ...मैं तो की पूछियो ही कोनी आपने और न की पूछूं.
पण लिकता चंद जी तौ लिकता चंद जी है....तौ वे एक आदमी री ब्लैक एंड व्हाइट फ़ोटू काडी जिणमे वो आदमी आपरी नाक ने हथाली सूं छुपायोडो बैठो हो, लिकता चंद जी बोलिया ऎ म्हारा नकटा गुरू जी है, योंरो कैवणो है कि आज रे ज़मौने में सुपरगिरी रो लाडू जिने खावणों है तो उनो एक महत्वपूर्ण अंश है.....लिकताई. और मने सुपरगिरी रो शौक है. मैं ही ज हूं हारों सूं सुपर, म्हारे सूं भत्तो कोई नहीं, ने अगर म्हारे सूं भत्तो कोई है तो मैं उण सूं डबल भत्तो, कोई कने नहीं बैठाई तो मैं उने कने ऊबो रैऊं, वो कने ऊबो नहीं राखी तो थोडो आगो जा ने ऊब जाऊं, और आगो जा ने ऊबूं जरे कैऊं ..हौमले वाळो म्हारे लेवल रो कोनी सा, इण वास्ते मैं खुद नैडो नहीं जा रियो हूं.......ने मौको मिलतो ही पाछो नैडो आ जाऊं......पाछो नेडो आ ने भेर लिकतायों करूं.
मैं कैयो आप तो ढीठ चंद जी व्हे ज्यूं बात कर रिया हो...वे मुळक ने कैयो, ढीठियो म्हारो रिश्ते में इ ज है सा, मौरे हूतक पिण्डरू लागे.....हमें तू पूछेला म्हारा और कुण कुण रिश्तेदार है, तौ हुण...ढीटियो म्हारो भाई है,

नागाई कुचमादी ने ओछाई म्हारी बैहनों है,



फ़च्चर म्हौरी जात है ने रौळो म्हौरो गोत्र .

मैं कैयो ...मैं तो की पूछियो ही कोनी आपने और न की पूछूं....यूं तो इंसानियत रे नाते आप सूं भी अपणायत है म्हारी पण जदे तक आप थोडी गरिमा नहीं बणा ने राखो, मैं की नहीं पूछूं, आपरी लिकताई सुं आपरी इज इज्जत पें बोल री है, ने आ सुपरगिरी, आ भत्तागिरी जिने जिने लागी है उने उने ले डूबी है......लिकता चंद जी मुळकता ही रैया --- वे की जवाब देवता इत्ते में म्हारे मोबाइल री घण्टी बाजी, मैं कौल उठावण रो बटण दो चार बार दबायो तो भी कोरी घण्टी इ ज हुणीजे...हारा बटण दबा ने देख लिया घण्टी बन्द इ ज नहीं हूवती.......मै होचियो ओ मोबाइल खराब हु ग्यो दीखे....कि अचानक भरी नींद सूं म्हारी औंख खुल गी, तकिये कने पडियो म्हारो मोबाइल बाजतो हो ......ने कौल करणिया हा ..........लिकता चंद जी.

मैं एक बार फ़ेर कौल कोनी उठाई और व्योंरी कौल ने मैं कई .....कोई कोनी उठावे, हारा बाट जो रिया है उण दिन री जिण दिन लिकता चंद जी ने थोडी सी क खुद री गरिमा बणायोडी राखण री अक्कल आ जाई.
:- के.बी.व्यास

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